Dean College Development Council


Prof. S.S. Chauhan 
Dean College Development Council,
Himachal Pradesh University

The office of the Dean College Development Council (DCDC) acts as an intermediary between the university and its Affiliated Colleges and function under the orders and control of the Hon’ble Vice-Chancellor and is directly responsible to him. The College Development Council (CDC) comprises of about 32 members and they meet at least once in a year. Meeting of College Development Council is chaired by the Hon’ble Vice-Chancellor and DCDC act as member secretary.

The office of the DCDC deals with the matters related to Affiliations and Approvals of the opening of new colleges or new courses. Fresh appointments of the faculty in the private affiliated Colleges are also made through this office. For grant of affiliation and extension of affiliation, inspection   teams are constituted by DCDC with the final approval of the Hon’ble Vice-Chancellor. DCDC keep close contact with the colleges with a view to helping them in their proper development, selection of teachers, student amenities, proper utilization of grants and efficient implementation of UGC approved projects and reforms. 

Information received from UGC which is related to affiliated colleges is circulated to all affiliated colleges by the office of DCDC. Proposals of majorminor research projects & matters related to 2(f) and 12(b) submitted by affiliated colleges are forwarded to UGC by the DCDC. Matters related to add-on courses are dealt by the office of DCDC.

faculty staff
Sr.No Name Designation Contact No. Email.ID Fax No.
1. Prof. S.S. Chauhan  Dean CDC 0177-2831152 cdchpu1@gmail.com 0177-2831152
2. -- P.A. 0177-2831152 cdchpu1@gmail.com  
3. -- Clerk 0177-2831152 cdchpu1@gmail.com  

 

   

                            

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय

(राष्ट्रिय मुल्यांकन एवम प्रत्यायन परिषद

“ऐ”ग्रेडविश्वविद्यालय )वर्षा जल संग्रहण

प्रबंधन प्रकोष्ट”

 

वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन :-

वर्षा के पानी को उत्पादक कार्यो में इस्तेमाल करने के लिए एकत्रित करने की विधिया अपनाने को वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन कहते है,दिन प्रतिदिन पानी की कमी चिंता का एक बड़ा कारण बन रही है, व दिन-प्रतिदिन भू-तल के घटते जलस्तर पर आज से ही वर्षा जल संग्रहण के प्रबन्धन कार्य पर विचार करना आवश्यक है,वर्षा जल का इस्तेमाल गाडीया धोने , कपड़े धोने , बर्तन धोने ,फर्श धोने,अग्निशमन एवं सौन्दर्यिकरण सहित सीवेज से सम्बन्धित सभी प्रकार की गतिविधियों के कार्य प्रयोजन के लिए हितकारी है, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सम्बधता एवमं व मान्यता रखने वाले सभी निजी / सरकारी शैक्षणिक संस्थानों सहित विश्वविद्यालय परिसर में वर्षा जल सग्रहण के कार्यो को सुनश्चित / सुनियोजित करने हेतु वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन प्रकोष्ट स्थापित किया गया है |

वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन प्रकोष्ट का गठन :-


वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन प्रकोष्ट का गठन (C.W.P.4886/2014) के अंतर्गत दिनांक 12/9/2014 को किया गया है इसके सदस्य निम्न है |
1. प्रो.एस .एस.चौहान,अधिष्ठाता महाविद्यालय विकास परिषद    –अध्यक्ष
2. प्रो.डी.डी.शर्मा,विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग                    -सदस्य
3. प्रो.हिम चटर्जी ,विभागाध्यक्ष,दृश्य कला                     -सदस्य
4. श्री अशोक,राना ,अधिशासी अभियंता                        -सदस्य
5. श्री.विनोद कुमार गुलेरिया,प्रारूपकार/अधिकारी          -सदस्य सचिव


वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन प्रकोष्ट के कार्य :-

1. वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन के कार्यो के नियम/विनियम अनुसार रूपरेखा का ढांचा तयार करना|
2. वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन के कार्यो की नीतियों  के उपाय ढूढना  |
3. वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन के परीविक्षक कार्यो की गतिविधियों का निरिक्षण करना |
4. वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन की गतिविधियों के कार्य प्रयोजन हेतु विश्वविद्यालय हित में बाहरी स्त्रोतों से निधि इकठा करना |
5. वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन के प्रगतिशील कार्यो /कार्यक्रमो का पुननिरिक्षण कर उचित मार्गदर्शन करना |
6. विश्वविद्यालय द्वारा जारी की जाने वाली सम्बधता / मान्यता के प्रपत्र में एक बिंदु वर्षा जल संग्रहण की अनिवार्यता शामिल करने सहित वर्षा जल के सदुपयोग का मार्गदर्शन करना |

टिप्पणी :--    


माननीय हरित न्याय अधिकरण द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अंतर्गत दिनांक ओ.ए.संख्या 72/2014 दिनांक  20/8/2015 को भारत सरकार के अधीनस्थ सभी सरकारी,गैर अर्ध सरकारी विभागों एवं निगमों बोर्डो सहित सभी स्वायत संस्थानों में वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन व्यवस्था के संचालित होने या ना होने(functional /none functional) के परिवीक्षिक / निरिक्षण कार्य प्रयोजन के लिए अधिकारी अधिसूचित कर उसका नाम व् मोबाइल. नो. सम्बन्धित विभागो की वैब- साइटों पर डालने आवश्यक है व  ओ.ए.संख्या 414 / 2017 दिनांक 20/6/2017 को जारी दिशा निर्देशों के की अनुपालना पर हिमांचल प्रदेश के सभी सरकारी / निजी  निर्मितएवं प्रस्तावित भवनो को इस्तेमाल करने हेतु एन.ओ.सी. जारी करने से पहले  (साफ  - सफाई) सीवेज के कार्य प्रयोजन हेतु वर्षा जल संग्रहण  प्रबन्धन व्यस्था के सुचारू होने या ना होने (फंक्शनल/नॉन फंक्शनल ) की अनिवार्यता का परीविक्षण / निरिक्षण करना प्रपत्र/पंजिका में दर्ज करना  आवश्यक है|

सम्पर्क सूत्र :--  


विनोद कुमार गुलेरिया,
सदस्य सचिव  (प्रारूपकार) अधिकारी,
वर्षा जल संग्रहण प्रबन्धन प्रकोष्ट ,
विश्वविद्यालय , समरहिल  शिमला-5,
हिमाचल प्रदेश | मो. न. 94181/17733,
इ.मेल.आई.डी.

vinodguleria1@gmail.com